चकिया /चंदौली । स्टेट मीडिया । प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चकिया पर सोमवार को बालिका दिवस मनाया गया । इस अवसर पर बालिकाओं को लंच पैकेट देकर सम्मानित किया गया ।
इस दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी डॉ विकास कुमार सिन्हा ने कहा कि
भारत में हर साल 24 जनवरी राष्ट्रीय बालिका दिवस के तौर पर मनाया जाता है। देश की बेटियों की आज लगभग हर क्षेत्र में हिस्सेदारी है लेकिन एक दौर ऐसा था, जब लोग बेटियों को कोख में ही मार दिया करते हैं। बेटियों का जन्म हो भी गया तो बाल विवाह की आग में धकेल देते थे। बेटियों और बेटों में भेदभाव, उनके साथ होने वाले अत्याचार के खिलाफ देश की आजादी के बाद से ही भारत सरकार प्रयासरत हो गई थी। बेटियों को देश की प्रथम पायदान पर लाने के लिए कई योजनाएं और कानून लागू किए गए। इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाए जाने की शुरुआत हुई।
वही वरिष्ठ चिकित्सक डॉ रविशंकर ने कहा कि देश की बेटियों को सशक्त बनाने के लिए जागरूकता बढ़ाने वाले इस खास दिन को 24 जनवरी को मनाने की भी खास वजह है। यह वजह भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से जुड़ी हुई है।
डॉ अंशुल सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने की शुरुआत 24 जनवरी को ही मनाया जाता है बालिका दिवस राष्ट्रीय बालिका दिवस
हर साल 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने की शुरुआत साल 2009 से हुई। महिला बाल विकास मंत्रालय ने पहली बार साल 24 जनवरी 2009 को देश में राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया।
इस दौरान डा अमृता राठौर, डा बंदना सिंह, डा सत्यप्रकाश, बीपीएम अखिलेश यादव, स्टाफ नर्स प्रिया सिंह, विजय लक्ष्मी सिंह, एएनएम रूबि कुमारी, सुस्मिता यादव, बसंती मलिक, बालिकाओं में
साबरिन, सरिता चौहान, मीना कुमारी, सीमा कुमारी , अंशिका कुमारी, अर्चना कुमारी, किरन यादव सहित कई बालिकाएं मौजूद रहीं ।
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