चकिया /चंदौली । स्टेट मीडिया न्यूज । एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चकिया की RBSK की टीम + बी व बाल विकास परियोजना के तत्वाधान में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में स्वास्थ्य टीम द्वारा उपस्थित सभी बालिकाओं, शिक्षिकाओं का हिमोग्लोबिन जांच किया गया। तथा इसके प्रबंधन व इसके संबंध में जानकारी दी गई ।इस दौरान डॉ विनोद कुमार गुप्ता ,डा सत्य प्रकाश, डॉ एसएन सिंह , मानिक राम, फार्मासिस्ट कंचन राय,एएनएम नेहा सिंह स्टाफ नर्स बिभा सिंह आदि स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहीं ।
इस कार्यक्रम की जानकारी देते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चकिया के प्रभारी डॉ विकास कुमार सिन्हा ने बताया कि खून की कमी यानी एनीमिया यह एक तरह की बीमारी है, जो शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी के कारण होती है। ज्यादातर इस बीमारी का शिकार महिलाएं होती हैं। एनीमिया के कारण शरीर में आयरन की कमी हो जाती है। जिसके कारण शरीर में हीमोग्लोबीन बनना कम हो जाता है। इसके साथ किशोरावस्था और महिलाओं में पीरियड्स के दौरान भी खून की कमी होने लगती है।
एनीमिया के लक्षण ऐसे होते एनीमिया में त्वचा सफेद और आंखें पीली पड़ जाती है। हर समय थकान महसूस होना, दिल की धड़कन बढ़ना, सांस लेने में तकलीफ, चेहरे और पैरों पर सूजन, जीभ, नाखूनों और पलकों के अंदर सफेदी और बहुत अधिक थकावट महसूस होने जैसे समस्याएं होने लगती है ।
एनीमिया से बचाव के लिए आयरन से प्रयुक्त चीजों का सेवन करना चाहिए। वहीं, अगर मलेरिया या फिर परजीवी के काटने के कारण एनीमिया होता है, तो इसका इलाज करवाना बहुत जरूरी है। एनीमिया से खानपान में बदलाव के कारण भी बचा जा सकता है। शरीर में आयरन की कमी को पूरी करने के लिए गाजर, टमाटर, चुकंदर और हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करना चाहिए। इसके साथ ही लोहे की कढ़ाई में सब्जी बनानी चाहिए, जिससे खाने में आयरन की मात्रा बढ़ सके। खाने में गुड़ और चने को शामिल करना चाहिए। खाना खाने के बाद चाय का सेवन करने से बचें, क्योंकि इससे सभी जरूरी और पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं।

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