आतिशबाज़ी, धूम्रपान और शराब का सेवन सेहत स्वास्थ्य के लिए हानिकारक --डा निशांत उपाध्याय नं - State Media

Saturday, November 7, 2026

आतिशबाज़ी, धूम्रपान और शराब का सेवन सेहत स्वास्थ्य के लिए हानिकारक --डा निशांत उपाध्याय नं



चंदौली । स्टेट मीडिया। दिवाली खुशियों और रोशनी का त्योहार है, लेकिन धूम्रपान ,शराब का सेवन और आतिशबाजी  जरा सी लापरवाही गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है जो सेहत स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। जहां पटाखों की तेज आवाज कानों की सुनने की क्षमता को प्रभावित  कर सकती है, वहीं बारूद और रसायनों से निकलने वाला धुआं सांस और आंखों से जुड़ी समस्या को बढ़ा सकता है। खाश तौर बच्चों को ध्यान देना जरूरी है। अधिकांश बच्चे ही पटाखों और आतिशबाज़ी में रूचि रखते हैं। और इसका शिकार होते हैं। दिवाली पर अक्सर एक-दूसरे से तेज धमाका करने की होड़ में लोग तेज आवाज वाले पटाखे चलाते हैं। अचानक कान के पास तेज धमाका होने से असहनीय पीड़ा हो सकती है और कान के पर्दे को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए आतिशबाजी करते समय दूरी बनाए रखना और सावधानी बरतना जरूरी है। साथ ही शराब के सेवन से दूर रहें और धूम्रपान का सेवन ना करें। जिससे की स्वास्थ्य बुरा असर पड़े और आपके साथ साथ पूरा परेशान होता है। उक्त बातें जिला संयुक्त चिकित्सालय चकिया के ईएमओ डा निशांत उपाध्याय ने लोगों जागरूक करते हुए कहा। 

उन्होंने कहा कि पटाखों की तेज आवाज कानों के लिए नुकसान दायक हो सकती है। कान के पास अचानक तेज धमाका होने से दर्द और सुनने की क्षमता प्रभावित होने का खतरा रहता है। तेज आवाज के संपर्क में आने से कानों में झनझनाहट और कुछ समय के लिए सुनाई देना बंद होने जैसी परेशानी भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि धुएं वाले पटाखों से निकलने वाले एसपीएम, कार्बन मोनोऑक्साइड और सल्फर डाईऑक्साइड जैसे प्रदूषक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकते हैं। इनकी वजह से दमा, सांस की नली में सूजन, नजला, साइनोसाइटिस और लेरिंजाइटिस जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

उन्होंने  बताया कि पटाखे जलाते समय छोटे बच्चों को कम से उचित दूरी पर रखना चाहिए। पटाखों के बारूद और धुएं के संपर्क में आने से बच्चों की त्वचा पर दाने निकल सकते हैं। उनकी आंखों में जलन की शिकायत भी हो सकती है। बच्चों को पटाखे जलाने की जगह से दूर रखें और उन्हें अकेले आतिशबाजी न करने दें। पटाखों के धुएं से बचाव के साथ आंखों और त्वचा की सुरक्षा का भी ध्यान रखना जरूरी है।उन्होंने दिपावली का त्योहार सुख, समृद्धि और मां लक्ष्मी के स्वागत का प्रतीक है। उत्सव के दौरान धूमधाम और शराब  का सेवन न सिर्फ त्योहार की पवित्रता को प्रभावित करता है, बल्कि कई तरह के गंभीर जोखिम भी पैदा करता है।दीपावली या किसी त्यौहार पर   धूम्रपान और शराब  से दूर रहें।  त्योहार के दिनों में  अपनों से मिलने बाहर निकलते समय शराब न पिएं । शराब पीकर गाड़ी चलाना  आपके और सड़कों पर चल रहे अन्य लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। दिपावली की ढेर सारी शुभकामनाएं आप सभी को दिपावली का त्योहार खुशियों जश्न का त्योहार है। आप सभी आस्था के साथ मिट्टी के दिये जलाएं , खुशीयों मनाएं।

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